( 1) ”नल बूँद–बूँद टपक रहा है” वाक्य में रेखांकित है–
(A)विशेषण
(B) क्रिया
(C)क्रिया विशेषण
(D)सर्वनाम
(C)क्रिया विशेषण
( 2) ‘राहुल’ सो रहा है’ वाक्य में क्रिया का भेद है-
(A)अकर्मक
(B) सकर्मक
(C)प्रेरणार्थक
(D)द्विकर्मक
(A)अकर्मक
( 3) वाच्य कितने प्रकार के होते है ?
(A)तीन
(B) चार
(C)पाँच
(D)आठ
(A)तीन
( 4) अव्यय के भेद होते है-
(A)पाँच
(B) चार
(C)तीन
(D) दो
(B) चार
( 5) निम्न वाक्य किस अव्यय से पूरा होगा ?
आज धन … कोई नहीं पूछता
(A)के बिना
(B) साथ
(C)तक को
(D)कहाँ
(A)के बिना
( 6) निजवाचक सर्वनाम का प्रयोग किस वाक्य में हुआ है ?
(A)यह मेरी निजी पुस्तक है
(B) आज अपनापन कहाँ है
(C)अपनों से क्या छिपाना
(D)आप भला तो जग भला
(D)आप भला तो जग भला
( 7) शिव से बना विशेषण क्या है ?
(A)शिवेश
(B) शंकर
(C)शैव
(D)शैल
(C)शैव
( 8) ‘वह घर पहुँच गया’- इस वाक्य में ‘पहुँच गया’ निम्नांकित में से किस क्रिया का उदाहरण है ?
(A)प्रेरणार्थक क्रिया
(B) द्विकर्मक क्रिया
(C)संयुक्त क्रिया
(D)पूर्वकालिक क्रिया
(C)संयुक्त क्रिया
( 9) इनमें से अपादान कारक की विभक्ति क्या है ?
(A)ने
(B) को
(C)से
(D)के लिए
(A)ने
( 10) शब्द जब वाक्य में प्रयुक्त होने की योग्यता प्राप्त करता है, तो उसे कहा जाता है-
(A)वाक्य
(B) ध्वनि
(C)पद
(D)समास
(C)पद
( 11)’घनिष्ठ’ की शुद्ध उत्तरावस्था है-
(A)घनिष्टतर
(B)घनिष्टतम
(C)घनिष्ठतर
(D)घनिष्ठतम
(C)घनिष्ठतर
( 12) संबंध कारक का चिह्न है-
(A) में, पर
(B) के लिए
(C) रा, -रे, -री
(D) से
(C) रा, रे, री
( 13) निम्नलिखित में विकारी शब्द कौन-सा है ?
(A)आज
(B)यथा
(C)परन्तु
(D)लड़का
(D)लड़का
( 14) ‘सभा में बीसियों लोग थे’- इसमें विशेषण का कौन-सा भेद है ?
(A)समुदाय वाचक
(B)परिमाण वाचक
(C)निश्चित संख्यावाचक
(D)अनिश्चित संख्यावाचक
(D)अनिश्चित संख्यावाचक
( 15) जो क्रिया अभी हो रही हो, उसे कहते है-
(A)सामान्य वर्तमान
(B)अपूर्ण भूत
(C)संदिग्ध वर्तमान
(D)संदिग्ध भूत
(B)अपूर्ण भूत
( 16) कौन-सा शब्द क्रिया विशेषण है ?
(A)तेज
(B)पहला
(C)बुद्धिमान
(D)मीठा
(A)तेज
( 17) देश को हानि ‘जयचन्दों’ से होती है रेखांकित में संज्ञा है-
(A)जातिवाचक
(B)व्यक्तिवाचक
(C)भाववाचक
(D)द्रव्यवाचक
(A)जातिवाचक
( 18) ‘गरीबों को वस्त्र दो’ वाक्य में कारक है-
(A)करण कारक
(B)अपादान कारक
(C)सम्प्रदान कारक
(D)कर्म कारक
(D)कर्म कारक
( 19) तुम्हें क्या चाहिए रेखांकित का सर्वनाम भेद है-
(A)निजवाचक सर्वनाम
(B)प्रश्नवाचक सर्वनाम
(C)संबंधवाचक सर्वनाम
(D)निश्चयवाचक सर्वनाम
(B)प्रश्नवाचक सर्वनाम
( 20) मीरा ने आधा लीटर दूध पी लिया रेखांकित में विशेषण है-
(A)गुणवाचक
(B) संख्यावाचक
(C)परिमाणवाचक
(D)सार्वनामिक
(C)परिमाणवाचक
( 21) किस वाक्य में क्रिया सामान्य भूतकाल में है ?
(A)उसने पुस्तक पढ़ी
(B)उसने पुस्तक पढ़ी है।
(C)उसने पुस्तक पढ़ी थी।
(D)उसने पुस्तक पढ़ी होगी।
A
( 22) निम्नलिखित में से किस वाक्य में अकर्मक क्रिया है ?
(A)गेहूँ पिस रहा है।
(B)मैं बालक को जगवाता हूँ।
(C)मदन गोपाल को हँसा रहा है।
(D)राम पत्र लिखता है।
A
( 23) सामान्य वर्तमान काल का उदाहरण है-
(A)सीता बाजार जाती होगी
(B)रमेश ने समाचार-पत्र पढ़ा
(C)वर्षा हो रही थी
(D)वह कलकत्ता जाता है
D
( 24) निम्नलिखित में से किस वाक्य में अकर्मक क्रिया है ?
(A)श्याम भात खाता है
(B)ज्योति रोती है
(C)मैंने उसे पुस्तक दी
(D)उसकी कमीज है
B
( 25) निम्नलिखित में विकारी शब्द कौन-से है ?
(A)संज्ञा-सर्वनाम-विशेषण-क्रिया
(B)तत्सम-तद्भव-देशज-विदेशज
(C)क्रिया विशेषण-संबंधबोधक-विस्मयादिबोधक
(D)इनमें से कोई नहीं
A
( 26 ) अविकारी शब्द होता है-
(A)संज्ञा
(B)सर्वनाम
(C)विशेषण
(D)अव्यय
D
( 27 ) निम्नलिखित शब्दों में से कौन-सा शब्द क्रिया-विशेषण है ?
(A)सूर्योदय
(B)नीला
(C)विगत
(D)धीरे-धीरे
D
( 28) अव्यय के कितने भेद है ?
(A)3
(B)4
(C)5
(D)6
B
( 29) किस एक वाक्य में क्रिया-विशेषण प्रयुक्त हुआ है ?
(A)वह धीरे से बोलता है
(B)वह काला कुत्ता है
(C)रमेश तेज धावक है
(D)सत्य वाणी सुन्दर होती है
A
( 30) ‘बृहत्’ विशेषण का शुद्ध उत्तमावस्था है-
(A)बृहतर
(B)बृहतम
(C)बृहत्तम
(D)बृहत्तर
A
(31) निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द विशेषण है ?
(A)सौंदर्य
(B)बेकारी
(C)वृक्ष
(D)फुफेरा
D
(32) ‘प्रिय’ विशेषण के साथ प्रयुक्त होनेवाली संज्ञा नहीं है-
(A)विषय
(B)कवि
(C)मित्र
(D)बैरी
D
(33) किस वाक्य में ‘अच्छा’ शब्द का प्रयोग विशेषण के रूप में हुआ है ?
(A)तुमने अच्छा किया जो आ गए
(B)यह स्थान बहुत अच्छा है।
(C)अच्छा, तुम घर जाओ।
(D)अच्छा है वह अभी आ जाए।
B
(34) रचना की दृष्टि से क्रिया के कितने भेद है ?
(A)2
(B)3
(C)4
(D)5
A
(35) क्रिया का मूल रूप कहलाता है-
(A)धातु
(B)कारक
(C)क्रिया-विशेषण
(D)इनमें से कोई नहीं
A
(36) निम्नलिखित क्रियाओं में से कौन-सी क्रिया अनुकरणात्मक नहीं है ?
(A)फड़फड़ाना
(B)मिमियाना
(C)झुठलाना
(D)हिनहिनाना
C
(37) निम्नलिखित वाक्यों में से कौन-सा ऐसा वाक्य है जिसकी क्रिया कर्ता के लिंग के अनुसार ठीक नहीं है ?
(A)राम आता है।
(B)घोड़ा दौड़ता है।
(C)हाथी सोती है।
(D)लड़की जाती है।
C
(38) काम का नाम बताने वाले शब्द को क्या कहते है ?
(A)संज्ञा
(B)सर्वनाम
(C)क्रिया
(D)क्रिया-विशेषण
C
(39) ‘मैं खाना खा चुका हूँ’- इस वाक्य में भूतकालिक भेद इंगित कीजिए।
(A)सामान्य भूत
(B)पूर्ण भूत
(C)आसन्न भूत
(D)संदिग्ध भूत
B
( 40) ‘चिड़िया आकाश में उड़ रही है’- इस वाक्य में ‘उड़ रही’ क्रिया किस प्रकार की है ?
(A)अकर्मक
(B)सकर्ममक
(C)समापिका
(D)असमापिका
A
( 41) निम्नलिखित वाक्य में ‘कुछ’ शब्द विशेषण है, उसका भेद छाँटिए-
‘कुछ’ बच्चे कक्षा में शोर मचा रहे थे।’
(A)गुणवाचक विशेषण
(B)अनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण
(C)सार्वनामिक विशेषण
(D)अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण
D
( 42) ‘आलस्य’ शब्द का विशेषण क्या है ?
(A)आलस
(B)अलस
(C)आलसी
(D)आलसीपन
C
( 43) इनमें से गुणवाचक विशेषण कौन-सा है ?
(A)चौगुना
(B)नया
(C)तीन
(D)कुछ
B
( 44) निम्नलिखित में कौन-सा शब्द विशेषण है ?
(A)मात्र
(B)खर्च
(C)निपट
(D)चुपचाप
C
( 45) ‘मानव’ शब्द से विशेषण बनेगा-
(A)मनुष्य
(B)मानवीकरण
(C)मानवता
(D)मानवीय
D
( 46) ‘उत्कर्ष’ का विशेषण क्या होगा ?
(A)अपकर्ष
(B)अवकर्ष
(C)उत्कृष्ट
(D)उत्कीर्ण
C
( 47) ‘आदर’ शब्द से विशेषण बनेगा-
(A)आदरकारी
(B)आदरपूर्वक
(C)आदरणीय
(D)इनमें से कोई नहीं
C
( 48) ‘आदर’ शब्द से विशेषण बनेगा-
(A)आदरकारी
(B)आदरपूर्वक
(C)आदरणीय
(D)इनमें से कोई नहीं
C
( 49) ‘संस्कृति’ का विशेषण है-
(A)संस्कृत
(B)सांस्कृति
(C)संस्कृतिक
(D)सांस्कृतिक
D
(50) ‘पशु’ शब्द का विशेषण क्या है ?
(A)पाशविक
(B)पशुत्व
(C)पशुपति
(D)पशुता
A
( 51) निम्नलिखित वाक्यों में से किस वाक्य में सर्वनाम का अशुद्ध प्रयोग हुआ है ?
(A)वह स्वयं यहाँ नहीं आना चाहती।
(B)आपके आग्रह पर मैं दिल्ली जा सकता हूँ।
(C)मैं तेरे को एक घड़ी दूँगा।
(D)मुझे इस बैठक की सूचना नहीं थी।
C
( 52) ‘मुझे’ किस प्रकार का सर्वनाम है ?
(A)उत्तम पुरुष
(B)मध्यम पुरुष
(C)अन्य पुरुष
(D)इनमें से कोई नहीं
A
( 53) सर्वनाम के कितने प्रकार हैं ?
(A)4
(B)5
(C)6
(D)7
C
( 54) निश्चयवाचक सर्वनाम कौन-सा है ?
(A)क्या
(B)कुछ
(C)कौन
(D)यह
D
( 55) इनमें अनिश्चयवाचक सर्वनाम कौन-सा है ?
(A)कौन
(B)जो
(C)कोई
(D)वह
C
( 56) ‘यह घोड़ा अच्छा है’- इस वाक्य में ‘यह’ क्या है ?
(A)संज्ञा
(B)सर्वनाम
(C)विशेषण
(D)सार्वनामिक विशेषण
B
( 57) इनमें से सम्बन्ध सर्वनाम कौन-सा है ?
(A)कोई
(B)कौन
(C)जो
(D)वह
D
(58) संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बतलाने वाले शब्दों को क्या कहते है ?
(A)विशेषण
(B)विशेष्य
(C)क्रिया
(D)अव्यय
A
( 59) विशेषण के कितने प्रकार है ?
(A)3
(B)4
(C)5
(D)6
B
( 60) निम्नलिखित शब्दों में कौन–सा शब्द विशेषण है–
(A)सच्चा
(B)शीतलता
(C)नम्रता
(D)मिठास
A
( 61) ‘वृक्ष पर पक्षी बैठे है’- इस वाक्य में ‘पर’ कौन-सा कारक है ?
(A)कर्म
(B)सम्प्रदान
(C)अधिकरण
(D)अपादान
C
( 62) ‘वह घर से बाहर गया’- इस वाक्य में ‘से’ कौन-सा कारक है ?
(A)कर्ता
(B)कर्म
(C)करण
(D)अपादान
D
( 63) ‘चारपाई पर भाई साहब बैठे है’- इस वाक्य में ‘चारपाई’ शब्द किस कारक में है ?
(A)करण
(B)सम्प्रदान
(C)संबंध
(D)अधिकरण
D
( 64) निम्नलिखित शब्दों में सदा स्त्रीलिंग वाला शब्द कौन-सा है ?
(A)पक्षी
(B)बाज
(C)मकड़ी
(D)गैंडा
A
( 65) व्याकरण की दृष्टि से ‘प्रेम’ शब्द क्या है ?
(A)भाववाचक संज्ञा
(B)विशेषण
(C)क्रिया
(D)अव्यय
A
( 66) निम्नलिखित संज्ञा-विशेषण जोड़ी में कौन-सा सही नहीं है ?
(A)विष-विषैला
(B)पिता-पैतृक
(C)आदि-आदिम
(D)प्रांत-प्रांतिक
D
( 67) कवि का स्त्रीलिंग है-
(A)कविइत्री
(B)कवित्री
(C)कवयित्री
(D)कवियित्री
C
( 68) हिन्दी भाषा में ‘वचन’ कितने प्रकार के हैं ?
(A)3
(B)2
(C)4
(D)5
B
( 69) लिंग की दृष्टि से ‘दही’ क्या है ?
(A)स्त्रीलिंग
(B)पुंलिंग
(C)नपुंसक लिंग
(D)उभयलिंग
B
( 70) संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होने वाले शब्द को क्या कहते हैं ?
(A)सर्वनाम
(B)विशेषण
(C)क्रिया
(D)अव्यय
A
( 71) अर्थ के विचार से संज्ञा कितने प्रकार के होते है ?
(A)4
(B)5
(C)6
(D)7
B
( 72) निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द व्यक्तिवाचक संज्ञा है ?
(A)गाय
(B)पहाड़
(C)यमुना
(D)आम
C
( 73) निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द जातिवाचक संज्ञा नहीं है ?
(A)जवान
(B)बालक
(C)सुन्दर
(D)मनुष्य
C
( 74) निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द भाववाचक संज्ञा नहीं है ?
(A)मिठाई
(B)चतुराई
(C)लड़ाई
(D)उतराए
A
( 75) कौन-सा शब्द जातिवाचक संज्ञा है-
(A)लड़का
(B)सेना
(C)श्याम
(D)दुःख
A
( 76) कौन-सा शब्द स्त्रीलिंग है ?
(A)सहारा
(B)सूचीपत्र
(C)सियार
(D)परिषद
D
( 77) ‘नेत्री’ शब्द का पुंलिंग रूप है-
(A)नेता
(B)नेतृ
(C)नेतिन
(D)नेताइन
A
( 78) कारक के कितने भेद है ?
(A)7
(B)8
(C)9
(D)10
B
( 79) ‘के लिए’ किस कारक का चिह्न है ?
(A)कर्म
(B)सम्प्रदान
(C)संबंध
(D)अपादान
B
( 80) ‘वृक्ष से पत्ते गिरते है’- इस वाक्य में ‘से’ किस कारक का चिह्न है ?
(A)कर्म
(B)करण
(C)अधिकरण
(D)अपादान
D
81. ‘सरस्वती’ का पर्यायवाची शब्द है
(A) शारदा
(B) चंचला
(C) इला
(D) रजनी
A
(A) मजबूरी
(B) प्रयास
(C) लगातार
(D) कुछ करना
B
(A) घमंड
(B) गगन
(C) दानव
(D) सुधा
D
(A) घमंड
(B) गगन
(C) दानव
(D) सुधा
A
(A) घमंड
(B) गगन
(C) दानव
(D) सुधा
B
(A) घमंड
(B) गगन
(C) दानव
(D) सुधा
C
(A) भूषण
(B) अलंकार
(C) सुरपति
(D) गहना
C
(A) पूर्णिमा
(B) कालिमा
(C) श्वेतिमा
(D) सर्वग्रास
A
(A) अपकार
(B) सत्कार
(C) आभास
(D) आदर
A
(A) कुसभ्य
(B) असभ्य
(C) संस्कारहीन
(D) अनसभ्य
A
(A) पर्यायवाची
(B) विपरीतार्थक
(C) उपसर्ग
(D) मुहावरा
B
(A) इति
(B) मार्त्य
(C) अनर्थ
(D) सनाथ
A
(A) इति
(B) मर्त्य
(C) अनर्थ
(D) सनाथ
B
(A) इति
(B) मार्त्य
(C) अनर्थ
(D) सनाथ
C
(A) सामान्य वर्तमान का
(B) पूर्ण वर्तमान का
(C) आसन्न भूत का
(D) अपूर्ण भूत का
C
(A) भूतकाल
(B) भविष्यत्काल
(C) वर्तमानकाल
(D) सामान्य वर्तमानकाल
A
(A) संदिग्ध वर्तमानकाल
(B) तात्कालिक वर्तमानकाल
(C) पूर्ण वर्तमानकाल
(D) संभाव्य वर्तमानकाल
D
(A) वर्तमानकाल
(B) भूतकाल
(C) भविष्यत्काल
(D) इनमें से कोई नहीं
A
(A) नाक में चने का जाना
(B) बहुत परिश्रम करना
(C) बहुत तंग करना
(D) बहुत पिटना
C
(A) व्यर्थ बैठना
(B) व्यर्थ समय काटना
(C) व्यर्थ बके जाना
(D) व्यर्थ हँसते रहना
C
(A) तुच्छ मनुष्य होना
(B) तुच्छ वस्तु होना
(C) हाथ से मैल निकलना
(D) इनमें से कोई नहीं
B
(A) बहुत कमजोर
(B) बहुत आलसी
(C) बहुत दुखी
(D) बहुत प्यारा
D
(A) भाग जाना
(B) भगा देना
(C) भाग कर आना
(D) इनमें से कोई नहीं
A
(A) गप-शप में आनंद लेना
(B) जलेबी छानना सीखना
(C) डींगे हाँकना
(D) सपना देखना
A
(A) मुहावरा
(B) लोकोक्ति
(C) पर्यायवाची
(D) विपरीतार्थक
A
निम्नलिखित अपठित काव्यांश को ध्यान से पढ़ें और प्रश्नों का उत्तर दें:
संसार के सभी धरम धर्मों में एक बात समान है, वह है प्रार्थना, ईश्वर भक्ति। प्रार्थना द्वारा हम अपने हदय के भाव प्रभु के सम्मुख रखते हैं और कुछ न कुछ उस शक्तिमान से माँगते हैं। जब हमें मार्ग नहीं सूझता तो हम प्रार्थना करते है। प्रार्थना का फल उत्तम हो, इसके लिए हम अपने अंदर उत्तम विचार और एकाग्र मन उत्पन्न करने होते हैं, क्योंकि विचार ही मनुष्य को पीड़ा पहुँचाते हैं या उससे मुक्त करते है। हमारे विचार ही हमे ऊँचाई तक ले जाते हैं या फिर खाई में फ़ेंक देते हैं। यह मन ही हमारे लिए दुःख लाता है और यही आनंद की ओर ले जाता है। यजुर्वेद के एक मंत्र के अनुसार यह मन सदा ही प्रबल और चंचल है। यह जड़ होते हुए भी सोते – जागते कभी भी चैन नहीं लेता। जितनी देर हम जागते रहते है, उतनी देर यह कुछ न कुछ सोचता हुआ भटकता रहता है। अव प्रश्न यह उठता है कि मन जो अत्यंत गतिशील है, उसको स्थिर और वश में कैसे किया जाए। मन को वश मे करने का यह तात्पर्य नहीं कि यह गतिहीन हो जाए और यह गतिहीन हो ही नहीं सकता। जिस प्रकार अग्नि का धर्म ऊष्ण है उस परकार चंचलता मन का धर्म है|
(१) प्रवचन व ईश्वर भक्ति
(२) प्रार्थना व प्रवचन
(३). प्रार्थना व् ईश्वर भक्ति
(४). ईश्वर भक्ति व भजन
(३)
2. मनुष्य प्रार्थना कब करता है ?
(१). संध्या काल में
(२). कोई मार्ग न सूझने पर
(३) प्रातकाल होने पर
(४) कष्ट आने पर
(२)
3. मनुष्य की पीड़ा का कारण है –
(१) मनुष्य के कर्म
(२).मन की निर्बलता
(३) मनुष्य की बुद्धि
(४) मन में उतपन्न विचार
(४) मन में उतपन्न विचार
(१) आर्थिक विकास व आर्थिक अभाव
(२) आत्मिक उत्थान व पतन
(३) धार्मिक दृष्टि से उत्थान व पतन
(४) . बौद्धिक उत्थान व पतन
(२) आत्मिक उत्थान व पतन
(१ ) प्रबल और स्थिर
(२) प्रबल और एकग्र
(३) प्रबल और चंचल
(४) प्रबल और गतिहीन
(३) प्रबल और चंचल
निम्नलिखित अपठित काव्यांश को ध्यान से पढ़ें और प्रश्नों का उत्तर दें:
आपको किसी महत्वपूर्ण परीक्षा की तैयारी में क्या कठिनाई हो रही है? क्या ऐसा करने में समय की कमी महसूस हो रही है? अगर आपका जवाब ‘हाँ’ है तो आपको समय-प्रबंधन सीखने की ज़रूरत है। समय प्रबंधन किसी भी परीक्षा की तैयारी का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है।
बहुत से परीक्षार्थी ऐसे हैं, जो परीक्षाओं की तैयारी देर से और बेहतरीन ढंग से शुरू करते हैं, जिससे उन्हें समयाभाव सबसे बड़े शत्रु की तरह दिखने लगता है। बिना समय-प्रबंधन के उस अनुपात में फायदा नहीं हो पाता, जिस अनुपात में आप मेहनत करते हैं। वास्तव में समय की गति को या उसके स्वभाव को मैनेज नहीं किया जा सकता, क्योंकि न तो इसे धीमा किया जा सकता है और न ही रोका जा सकता है।
आप स्वयं को मैनेज करते हुए सिर्फ इसका सही उपयोग कर सकते हैं। वास्तविकता यही है। सबसे पहले आप यह निर्धारित करें कि आपका वर्तमान समय कैसे व्यतीत हो रहा है। आप पिछले एक सप्ताह के अपने कार्यकलाप को एक पेपर पर लिखकर देखिए कि आपने टाइम-टेबल का कितना और कैसा अनुसरण किया है। पूरे सप्ताह में कितने घंटे सेल्फ-स्टडी की है और आपका निर्धारित सिलेबस का कितना हिस्सा नहीं हो पाया है।
एक बार पूरा विश्लेषण करने के बाद आप स्वयं को समय के हिसाब से बदलना शुरू कर सकते हैं। समय बचाने के लिए किसी विशेषज्ञ की टिप्स काम आ सकती है परंतु सबसे अधिक प्रभाव आपके निश्चय, समर्पण और समय नियोजन का रहेगा। समय-प्रबंधन आपके आत्मविश्वास को बढ़ाएगा और यह सफलता की दिशा में निर्णायक होगा।
1. समय-प्रबंधन सीखने की ज़रूरत कब है?
(क) जब अच्छा व्यवसाय चुनना हो
(ख) जब कुछ करने के लिए समय कम पड़े
(ग) जब अवसर खो देने की संभावना हो
(घ) जब कोई परीक्षा देनी हो
(ख) जब कुछ करने के लिए समय कम पड़े
2. समय के बारे में सच है कि उसे
(क) लौटाया जा सकता है
(ख) मैनेज नहीं किया जा सकता है
(ग) रोका जा सकता है ।
(घ) धीमा किया जा सकता है
(ख) मैनेज नहीं किया जा सकता है
3.समय का अभाव उन्हें शत्रु जैसा लगता है, जो
(क) परीक्षाओं की तैयारी बेहतरीन ढंग से करते हैं
(ख) परीक्षाओं की तैयारी करनी ही नहीं चाहते
(ग) परीक्षाओं को महत्वपूर्ण नहीं मानते
(घ) परीक्षाओं की तैयारी गंभीरता से करते हैं
(क) परीक्षाओं की तैयारी बेहतरीन ढंग से करते हैं
4. समय-प्रबंधन से बढ़ सकता/सकती है
(क) आत्मविश्वास
(ख) स्वाभिमान
(ग) दृढ़ निश्चय
(घ) विशेषज्ञता
(क) आत्मविश्वास
5. ‘सेल्फ-स्टडी’ शब्द है
(क) तद्भव
(ख) आगत
(ग) देशज
(घ) तत्सम
(ख) आगत
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्पों का चयन कीजिए।
किसी तरह रात बीती। दोनों के हृदय व्यथित थे। किसी तरह आँचरहित एक ठंडा और ऊबाऊ दिन गुज़रने लगा। शाम की प्रतीक्षा थी। तताँरा के लिए मानो पूरे जीवन की अकेली प्रतीक्षा थी। उसके गंभीर और शांत जीवन में ऐसा पहली बार हुआ था। वह अचंभित था, साथ ही रोमंचित भी। दिन ढलने के काफी पहले वह लपाती की उस समुद्री चट्टान पर पहुँच गया। वामीरो की प्रतीक्षा में एक-एक पल पहाड़ की तरह भारी था।
उसके भीतर एक आशंका भी दौड़ रही थी। अगर वामीरो न आई तो? वह कुछ निर्णय नहीं कर पा रहा था। सिर्फ प्रतीक्षारत था। बस आस की एक किरण थी जो समुद्र की देह पर डूबती किरणों की तरह कभी भी डूब सकती थी। वह बार-बार लपाती के रास्ते पर नज़रें दौड़ाता। सहसा नारियल के झुरमुटों में उसे एक आकृति कुछ साफ़ हुई… कुछ और… कुछ और। उसकी खुशी का ठिकाना न रहा। सचमुच वह वामीरो थी। लगा जैसे वह घबराहट में थी।
वह अपने को छुपाते हुए बढ़ रही थी। बीच-बीच में इधर-उधर दृष्टि दौड़ना नहीं भूलती। फिर तेज़ कदमों से चलती हुई तताँरा के सामने आकर ठिठक गई। दोनों शब्दहीन थे। कुछ था जो दोनों के भीतर बह रहा था। एकटक निहारते हुए वे जाने कब तक खड़े रहे। सूरज समुद्र की लहरों में कहीं खो गया था।
(क) उसका मन अशांत हो गया था
(ख) वह अचंभित-सा हो गया था
(ग) वह रोमांचित था
(घ) उपर्युक्त सभी विकल्प
(घ) उपर्युक्त सभी विकल्प
(क) गाँव वालों की
(ख) वामीरो की
(ग) वामीरो की माँ की
(घ) किसी की भी नहीं
(ख) वामीरो की
(क) शाम को
(ख) दिन ढलने से पहले
(ग) दोपहर को
(घ) दिन ढलने के बाद
(ख) दिन ढलने से पहले
(क) पागल हो जाना
(ख) दीवाना हो जाना
(ग) भागने लगना
(घ) बेहद खुश होना
(घ) बेहद खुश होना
(क) पेड़ के पीछे
(ख) चट्टान के पीछे
(ग) नारियल के झुरमुट के पीछे
(घ) पहाड़ी के पीछे
(ग) नारियल के झुरमुट के पीछे
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